Sunday, April 5, 2009

नष्ट होने के कगार पर हैं पस्टन के पुरावशेष

झंझारपुर (मधुबनी) । झंझारपुर अनुमंडल क्षेत्र के पस्टन गांव स्थित ईसा पूर्व की अमूल्य पुरातात्विक धरोहर बौद्ध बिहार पुरातत्व विभाग की उपेक्षा के कारण नष्ट होने के कगार पर है। पुरातत्व विभाग द्वारा अधिगृहित इस बौद्ध बिहार के अब त न ही संरक्षण का और न ही खुदाई का प्रयास किया गया है।

ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार मुसहरनीयां डीह के नाम से विख्यात यह बौद्ध बिहार ईसा पूर्व आंध्र सातवाहन काल की बतायी जाती है। 30 वर्ष पूर्व 1979 ई. तक यह ऊंचे टीले के रूप में था। ग्रामीणों द्वारा घर-आंगन में मिट्टी भरायी के लिए किये गये खुदाई के क्रम में इसमें से ढेरों पक्की हुई मिट्टी की बुद्ध मूर्ति के साथ अमरावती, शैली की चार इंच छोटी दुर्लभ बुद्ध मूर्ति मिली। इस मूर्ति की खासियत यह है इसके ऊपर मानवीय त्वचा के समान लेप चढ़ा हुआ है। इस पत्थर की मूर्ति को खरोचने पर पत्थर को देखा जा सकता है। इस विषय में वाचस्पति संग्रहालय अंधराठाढ़ी के स्थापक व पुराप्रेमी व लेखक पं. सहदेव झा ने बताया कि इस बौद्ध बिहार मूर्ति बिहार व भारत सरकार के पुरातत्व विभाग को भेजी गयी। जानकारी मिली कि टीला को पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण व निरीक्षण के बाद उत्खनन से पूर्व की सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गयी है। परंतु सरकार की ओर से इसके संरक्षण व उत्खनन का कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। इस बौद्ध बिहार में 17 छोटे-छोटे कमरे बने हैं। इस टीले के अगल-बगल दो अन्य टीले भी मौजूद हैं। जिससे यहां प्राचीन समय में विकसित बौद्ध बिहार होने की जानकारी प्राप्त होती है।

मधुबनी महिला कालेज में प्राचीन इतिहास के विभागाध्यक्ष उदय नारायण तिवारी का कहना है कि पस्टन का बौद्ध बिहार बिहार ही नहीं देख के दुर्लभ बौद्ध धरोहरों में एक है। परंतु इसका संरक्षण न होने से मिथिलांचल से एक प्रमुख अवशेष के दफन हो जाने की आशंका है।

बासोपट्टी प्रखंड प्रमुख पद पर वीरेन्द्र निर्वाचित

बासोपट्टी (मधुबनी) । प्रखंड प्रमुख पद के लिए रिक्त स्थान के लिए शनिवार को टीपीसी भवन में निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी जयनगर ओम प्रकाश प्रसाद की अध्यक्षता में पंचायत समिति सदस्यों की बैठक हुई। इसमें वीरेन्द्र कुमार झा एक वोट से प्रमुख पद के लिए निर्वाचित घोषित किये गये। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वीरेन्द्र कुमार यादव को एक वोट से हराया। श्री झा को ग्यारह वोट मिले जबकि श्री यादव को दस वोट मिले। एक वोट रद घोषित किया गया। 22 सदस्यीय पंचायत समिति के सभी सदस्यों ने चुनाव में भाग लिया। चुनाव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी। विदित हो कि नवम्बर 08 में प्रमुख सीता देवी ने अविश्वास प्रस्ताव में मत विभाजन के समय 6 वोट से अपनी कुर्सी गवां दी थी। शनिवार की बैठक में अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी जयनगर शिवपूजन सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी अविनाश कुमार भी उपस्थित थे। प्रेक्षक के रूप में प्रभात कुमार भी उपस्थित थे।

छात्रावास खाली करने के आदेश से चिंता

झंझारपुर (मधुबनी) । आसन्न लोकसभा चुनाव में शांति व निष्पक्ष पूर्ण चुनाव में सहयोग हेतु जल्द ही झंझारपुर में अ‌र्द्धसैनिक बलों की बूट की थाप सुनाई देने लगेगी। अ‌र्द्धसैनिक बलों का जत्था 10 अप्रैल के बाद कभी भी झंझारपुर पहुंच सकता है। अ‌र्द्ध सैनिक बलों के ठहराव हेतु प्रशासन उसके आवास स्थल के चयन में लगा है। झंझारपुर बीडीओ ने ललित नारायण जनता महाविद्यालय के प्रशासन को बलों के ठहराव हेतु हरिजन छात्रावास खाली कराने का निर्देश दिया है। शनिवार को कालेज प्रशासन द्वारा इस आशय का पत्र छात्रावास में रहने वाले 48 छात्रों के बीच वितरित कराने का प्रयास किया लेकिन छात्रों ने अपनी विवशता बता पत्र लेने से इनकार किया। छात्रों का कहना है कि प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कहीं अन्यत्र जगह का भी चयन कर सकता है। छात्रावास खाली कराने से उन लोगों को सारे समान के साथ पलायन करने में दिक्कते आएंगी तथा पढ़ाई भी एक महीने तक पूरी तरह प्रभावित होगा। छात्रों ने डीएम सह जिला निर्वाची पदाधिकारी पंकज कुमार को फैक्स भेजकर उन लोगों की समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया है। छात्रों द्वारा इस आशय का एक आवेदन सीधे चुनाव आयोग को भी भेजे जाने की तैयारी चल रही है।

मुखिया के खिलाफ वित्तीय अनियमितता का केस

खुटौना (मधुबनी) । प्रखंड की वासुदेवपुर पंचायत की मुखिया विमला देवी के खिलाफ वर्ष 2007/08 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्य में वित्तीय अनियमितता करने के आरोप में लौकहा थाना में कांड सं. 20/08 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रसून कुमार द्वारा दर्ज प्राथमिकी में पंचायत सचिव जीवनाथ मिश्र, कनीय अभियंता प्रकाश कुमार तथा प्रखंड के सहायक अभियंता को सह आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, अंधरीबांध से गुमराही पोखर तक एक लाख 70 हजार रुपये की प्राक्कलित राशि से नाला उड़ाही के कार्य की पंचायत के कुछ लोगों की शिकायत पर दोबारा नापी कराने पर उसे मात्र 96 हजार रुपये का बताया गया है। सूत्रों के अनुसार उक्त अवधि में प्रखंड के सहायक अभियंता के पद पर जवाहर प्रसाद भगत के कार्यरत रहने की जानकारी मिली है।